संसाधन नही तो काम नही""ना बाबू ना नेट, काम हो रहा है लेट"
"संसाधन नही तो काम नही"
"ना बाबू ना नेट, काम हो रहा है लेट"
सक्ती - आफिस के मूलभूत सुविधाओं के लिए धरने पर बैठे तहसीलदार, सक्ती जिला में सक्ती डभरा अडभार जैजैपुर मालखरौदा पुराने तहसील है, जबकि बाराद्वार भोथिया, हसौद, चन्द्रपुर, अडभार नये तहसील बनाये गये है, जहां भारी मानव संसाधन की कमी है। तहसील बाराद्वार,हसौद,भोथिया,जैजैपुर,अडभार, में स्टेनो टायपिस्ट कानूनगो, WBM, भूईंया आपरेटर, रीडर में पद तो स्वीकृत है, लेकिन अभी तक इन पदों पर भर्ती नहीं किया जा रहा है । तथा सक्ती जिले में किसी भी तहसील में वाहन, वाहन चालक, ईंधन, नहीं दिया गया है। तथा सभी तहसीलों में कम्युटर,स्टेश्नरी तथा, सभी तरह तक के संसाधनों से पीठासीन अधिकारियो को जुझना पड़ता है। तथा अपने निजी संसाधनों का प्रयोग विवशता पूर्वक तहसील में किया जाता है।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ जिला इकाई सक्ती द्वारा 17 सुत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन आज दिनांक 28 जुलाई से जिला स्तर पर किया जा रहा है।ज्ञात हो कि छत्तीसगढ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रांतिय इकाई द्वारा आंदोलन का आव्हान किया है, इसी तारतम्य में आज जिला मुख्यालय सक्ती कलेक्टर परिसर के सामने जिला पदस्थ सभी तहसीलदार नायब तहसीलदार धरना रत है, तहसीलों में संसाधनों की कमी के कारण आम पक्षकारों तथा हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस अवसर पर जिला इकाई के अध्यक्ष विद्याभूषण साव, सुशीला साहू, गरिमा मनहर, संजय मिंज, मनमोहन सिंह लक्ष्मीकांत कोरी, सिद्धार्थ अनंत, बिसाहीन चौहान, डा रविशंकर राठौर, आशीष पटेल उपस्थित रहे।
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