ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस के भीतर जाँच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होता है, तो वे कार्यालय का घेराव करेंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस के भीतर जाँच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होता है, तो वे कार्यालय का घेराव करेंगे।
ब्लॉक संवाददाता मनीषा टंडन
जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) ग्राम पंचायत अल्दा में जनता बहुत आक्रोशित । पूर्व सरपंच श्रीमति केशर वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने श्री बालाजी स्पंज एवं पावर प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी स्थापना हेतु फर्जी तरीके से एनओसी जारी किया है।
ग्रामीणों ने थाना नेवरा तिल्दा में FIR दर्ज कराने तीन चार सौ ग्रामीण थाना पहुंचे थे जहाँ पर अनुविभागीय अधिकारी पहुचे थे जहाँ उन्होंने ने जांच के बाद FIR लिखने की बात कही थी जिसके बाद ग्राम पंचायत अल्दा
मे जांच टीम भेजा गया था जिसमें जिसमें जनपद CEO, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारी शामिल थे जांच टीम के गांव के 11 लोगों का बयान दर्ज किया गया है और सभी ने ग्राम सभा रजिस्टर
मे हेराफेरी की बात कही गयी जिसमे जाँच टीम के बाद अनुविभागीय अधिकारी ने सप्ताह भर का समय , जाँच रिपोर्ट की बात कही
*ग्रामीणों*
ग्रामीणों का कहना है कि
1 माह से ज्यादा हो गया अभी तक ग्रामीणों को रिपोर्ट नहीं दिया इसीलिए ग्रामीण आक्रोशित है हो कर 20 अगस्त को फिर से ग्रामीण काफ़ी संख्या में अनुविभागीय अधिकारी के पास गए थे और
आवेदन दे कर आए है आवेदन में साफ यहां लिखा हुआ है यदि जांच की रिपोर्ट सप्ताह भर मे नहीं दिया गया तो SDM ऑफिस में धरना-प्रदर्शन करने की बात कही गयी
जिसकी पूरी जवाब दारी अनुविभागीय अधिकारी होगी
ग्रामीणों ने प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस के भीतर जाँच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होता है, तो वे कार्यालय का घेराव करेंगे।
अनुविभागीय अधिकारी ने मामले की जाँच के लिए एक टीम गठित की थी, जिसमें जनपद CEO, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। जाँच टीम ने गाँव के 11 लोगों का बयान दर्ज किया है और सभी ने ग्रामसभा रजिस्टर में हेराफेरी की बात कही है
*मामले की मुख्य बातें*
*फर्जी एनओसी*
पूर्व सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने श्री बालाजी स्पंज एवं पावर प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी स्थापना हेतु फर्जी तरीके से एनओसी जारी किया है।
- *ग्रामीणों का विरोध*
ग्रामीणों ने थाना नेवरा तिल्दा में FIR दर्ज कराने की मांग की है और अनुविभागीय अधिकारी से जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
*जाँच टीम*
अनुविभागीय अधिकारी ने मामले की जाँच के लिए एक टीम गठित की है, जिसमें जनपद CEO, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
*कार्यवाही की मांग*
ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों पर पंचायत राज अधिनियम के अनुसार कार्यवाही की जाए और जाँच प्रतिवेदन की प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जाए।
अब देखना यह है कि अनुविभागीय अधिकारी इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं और ग्रामीणों की मांगों को पूरा करते हैं या नहीं।
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