ग्राम परसदा में फर्जी एनओसी से नंदन स्मल्टर्स को मिली अनुमति, ग्रामीणों ने जताई गंभीर आपत्ति !
ग्राम परसदा में फर्जी एनओसी से नंदन स्मल्टर्स को मिली अनुमति, ग्रामीणों ने जताई गंभीर आपत्ति
ब्लॉक संवाददाता मनीषा टंडन रिपोर्ट,,
तिल्दा-नेवरा (रायपुर):-- विकासखंड तिल्दा के ग्राम पंचायत परसदा (जो) में एक बार फिर ग्रामीणों और पंचायत व्यवस्था के बीच बड़ा टकराव सामने आया है। नंदन स्मल्टर्स नामक एक निजी उद्योग को पंचायत से फर्जी एनओसी जारी कर 10 एकड़ कृषि भूमि पर स्थापित किए जाने का आरोप लगाया गया है। यह भूमि पूर्व में पूरी तरह से कृषि उपयोग के लिए आरक्षित थी।
ग्रामीणों का कहना है कि न तो ग्राम सभा बुलाई गई, और न ही पंचायत रजिस्टर में कोई प्रस्ताव दर्ज है। इसके बावजूद उद्योग विभाग को दस्तावेज सौंपकर अनुमति प्राप्त कर ली गई। इससे स्पष्ट होता है कि फर्जी हस्ताक्षर कर एनओसी तैयार की गई और ग्राम पंचायत की आधिकारिक प्रक्रिया को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया।
तालाब और पानी टंकी पर बना उद्योग
ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया है कि जिस भूमि पर यह उद्योग बना है, वहां पूर्व में एक तालाब और पानी टंकी मौजूद थी, जो गांव के जलस्रोत के रूप में उपयोग में लाए जाते थे। यह स्थिति न सिर्फ ग्रामीणों के जल संसाधनों पर हमला है, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित कर रहा है।
पहले से ही प्रदूषण से परेशान गांव
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पहले से एक उद्योग मौजूद है, जिससे पहले ही वातावरण में भारी प्रदूषण हो रहा है। धूल, धुआँ और रासायनिक गंध से ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं। अब एक और उद्योग की अनुमति देना ग्रामवासियों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
38 से अधिक ग्रामीणों ने किया विरोध हस्ताक्षर
इस पूरे प्रकरण के विरोध में 38 से अधिक ग्रामवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल जांच और कार्रवाई की माँग की गई है। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी, जनपद पंचायत और एसडीएम को पत्र देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की मांगें:
फर्जी एनओसी की उच्च स्तरीय जांच की जाए
पूर्व से स्थापित उद्योगों के प्रदूषण की जांच कर सख्त पर्यावरणीय नियम लागू किए जाएँ
तालाब और जलस्रोत की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई कर ग्राम पंचायत व्यवस्था की गरिमा बहाल की जाए
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