रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राजेंद्र “पप्पू” बंजारे ने पेश की दावेदारीकांग्रेस संगठन और समाज सेवा के लंबे अनुभव के साथ जताई नेतृत्व की इच्छा !
रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राजेंद्र “पप्पू” बंजारे ने पेश की दावेदारी
कांग्रेस संगठन और समाज सेवा के लंबे अनुभव के साथ जताई नेतृत्व की इच्छा
तिल्दा नेवरा से ब्लॉक संवाददाता अमजद खान की रिपोर्ट
रायपुर:-- कांग्रेस के समर्पित और जुझारू कार्यकर्ता राजेंद्र पप्पू बंजारे ने रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। 52 वर्षीय बंजारे अनुसूचित जाति वर्ग (सतनामी समाज) से आते हैं और 1991 से कांग्रेस संगठन से जुड़कर लगातार सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राजेंद्र बंजारे ने अपने पत्र में आदरणीय पूर्व विधायकों, सांसदों, कांग्रेस पदाधिकारियों और सामाजिक साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन का आशीर्वाद और मार्गदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने संगठन को एकजुट कर कांग्रेस के जनाधार को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राजनीतिक सफर और जिम्मेदारियाँ:
बंजारे ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सफर में वार्ड अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव तक विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस में प्रदेश पदाधिकारी, रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस के महामंत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव, अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं।
वर्तमान में वे पीसीसी डेलीगेट हैं और AICC अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनाव में मतदान का सौभाग्य प्राप्त कर चुके हैं।
संगठन सृजन के दौरान वे कई ब्लॉकों में पर्यवेक्षक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। जनपद पंचायत धरसीवा के पूर्व जनपद अध्यक्ष और रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व डायरेक्टर के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास और जनकल्याण में सक्रिय योगदान दिया है।
उनकी पत्नी भी जिला पंचायत रायपुर सदस्य रही हैं, जो उनके परिवार की कांग्रेस के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
संघर्ष और समाजसेवा:
राजेंद्र बंजारे ने अपने राजनीतिक जीवन में कई आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई। ग्राम स्वराज अभियान के विरोध में उन्होंने पंचायतों में ताले लगाकर प्रदर्शन किया और पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई का सामना किया।
एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के आंदोलनों के दौरान उनके खिलाफ 36 प्रकरण दर्ज हुए और वे कई बार जेल भी गए। हाल ही में उन्होंने तुलसी, कचना, पिरदा और लाभांडी क्षेत्र में RDA की भूमि अधिग्रहण नीति के खिलाफ किसानों के हित में संघर्ष किया।
दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता:
बंजारे ने कहा कि उनका उद्देश्य कांग्रेस के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाना और रायपुर ग्रामीण में संगठन को सशक्त बनाना है। वे सभी वर्गों, जातियों और समुदायों को साथ लेकर समावेशी विकास के पथ पर कांग्रेस को अग्रसर करना चाहते हैं।
उन्होंने विनम्रता से कहा कि यदि उनके कार्यों में कभी कोई कमी रह गई हो, तो वरिष्ठजन मार्गदर्शन देकर उन्हें सुधारने का अवसर दें।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि उन्हें रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष का दायित्व सौंपा जाता है, तो वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण और एकता के साथ संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।
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